Tuesday, November 1, 2011

मोहन तूं समक्ष मेरे क्यों न आया

 आज मोहन तेरी याद ने बड़ा ही सताया 

कई बार मेरा दिल भर आया

आखीयों ने अश्रु जल बहाया

फिर भी इस दिल को चैन न आया

आज मोहन तेरी याद ने बड़ा ही सताया

हालत मेरी हुई हैं ऐसी

जिधर भी देखु तुझको ढून्दो

तुझी को पौन ,तुझे ही हर बात बताउ

आज मोहन तेरी याद ने बड़ा ही सताया

मोहन तूं समक्ष मेरे क्यों न आया

तुझे मैंने कई बार बुलाया

मगर तू क्यों न आया ?

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