Sunday, October 16, 2011

धीरे से आना मोहन, तुम से लगन हैं लागी


इस प्रेम की गली में, धीरे से चरण धरना
कोमल बहुत ही दिल हैं, तुम से सुरत हैं लागी 
धीरे से खोलो द्वारा, खटका ना होवे भारी
मैं ध्यान में हू बैठी, बंसी ना छेडो रागी 
तुम में ही खोई बैठी, जग की भुलाई सुध हैं
मेरे प्यारे मोहन गौरी को गले लगा के 
एहसास अपना कराओ ----धीरे से आना मोहन, तुम से लगन हैं लागी
http://i219.photobucket.com/albums/cc181/dearkrishna/jua5wmjpg.gif
http://i219.photobucket.com/albums/cc181/dearkrishna/jua5wmjpg.gif

No comments:

Post a Comment